UAE flights: अबू धाबी ने किया ग्रीन देशों की लिस्ट को अपडेट, जानिए यात्रियों को क्या होगा फायदा

अबू धाबी ने अपनी ग्रीन लिस्ट अपडेट करी है वहीं ये उन ग्रीन देशों, क्षेत्रों की पूरी सूची है, जहां से विजिटर्स यात्रा कर सकते हैं और उन्हे अनिवार्य क्वारंटाइन से छूट दी जाएगी।

जानकारी के अनुसार, ग्रीन लिस्ट वाले देशों से अबू धाबी जाने वाले कोविड-टीकाकरण वाले यात्रियों को क्वारंटाइन में रहने की आवश्यकता नहीं है।

ग्रीन लिस्ट वाले देशों के गैर-टीकाकरण वाले यात्रियों को भी क्वारंटाइन में  छूट दी गई है, लेकिन उन्हें अबू धाबी हवाई अड्डे पर आगमन और उनके ठहरने के छह और नौ दिनों में पीसीआर परीक्षण करना होगा और ये छूट 15 फरवरी से प्रभावी होगी।

वही अपडेट की गयी लिस्ट के अनुसार, अल्बानिया, एलजीरिया, आर्मीनिया, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, आज़रबाइजान, बहरीन, बेलोरूस, बेल्जियम, बोस्निया और हर्जेगोविना, ब्राज़िल, बुल्गारिया, बर्मा, कंबोडिया, कनाडा, चीन, क्रोएशिया, साइप्रस, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जॉर्जिया, जर्मनी, यूनान, हांगकांग एसएआर), हंगरी, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, इजराइल, इटली, जापान, कजाखस्तान, कुवैत, किर्गिज़स्तान, लाओस देशों का नाम शामिल है।

इसके अलावा लातविया, लक्समबर्ग, मलेशिया, मालदीव, नीदरलैंड, मोरक्को, नॉर्वे, ओमान, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस, पोलैंड, पुर्तगाल, आयरलैंड गणराज्य, रोमानिया, सऊदी अरब, सर्बिया, सिंगापुर, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन, स्विट्ज़रलैंड, सीरिया, सेशल्स, ताइवान, चीन प्रांत, तजाकिस्तान, थाईलैंड, ट्यूनीशिया, तुर्की, यमन, तुर्कमेनिस्तान, यूक्रेन, संयुक्त राज्य अमरीका, उज़्बेकिस्तान देश शामिल है।

वहीं ग्रीन लिस्ट में शामिल देशों, क्षेत्रों और क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय विकास के आधार पर नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा। सूची में शामिल करना यात्रा के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रोटोकॉल के सख्त मानदंडों के अधीन है, यूएई समुदाय की भलाई को सुनिश्चित करना और प्राथमिकता देना।

जो यात्री ग्रीन देशों की लिस्ट से नहीं आते हैं। उन सभी को सात दिनों के लिए क्वारंटीन रहना होगा। यदि उन्हें पूरी तरह से टीका लगाया गया हो। इसके अलावा जिन यात्रियों का टीकाकरण नहीं हुआ है। उन्हें 10 दिनों के लिए क्वारंटाइन रहना होगा।

आपको बता दें, ये क्वारंटाइन वाला नियम कोरोना वायरस की वजह से बनाया गया है ताकि इस वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकें।

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