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कुवैत में जारी है दोपहर में काम करने पर प्रतिबंध, पहले दिन दर्ज किए गए 40 उल्लंघन के मामले

खाड़ी देशों में गर्मी के प्रकोप को देखते हुए कामगारों को mid day break दिया गया है यानि कि इस mid day break के दौरान कामगारों को बाहर काम करने पर प्रतिबंध है। वहीं इस बीच कुवैत में इस नियम का उल्लघंन किया गया है जिसके बाद कुवैती श्रम निरीक्षकों (PAM) ने एक बड़ी कारवाई करी है।

जानकारी के अनुसार, कुवैती श्रम निरीक्षकों ने दोपहर के समय आउटडोर में काम करने पर लागू प्रतिबंध के उल्लंघन के कारण पहले दिन 40 मामले दर्ज किए। इस बात की जानकारी एक स्थानीय समाचार पत्र ने कहा है।

बुधवार, 1 जून से कुवैत में 31 अगस्त तक चलने वाले मिड डे ब्रेक सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक लागू रहेगा। अल राय ने बताया कि सरकारी पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर (पीएएम) की एक टीम ने कुवैत सिटी के पश्चिम में अल जहरा गवर्नरेट में कार्यस्थलों का निरीक्षण किया और प्रतिबंध के 40 उल्लंघन के मामले दर्ज किए।

कुवैत में जारी है दोपहर में काम करने पर प्रतिबंध, पहले दिन दर्ज किए गए 40 उल्लंघन के मामले

टीम के प्रमुख हमद अल मेखयाल ने कहा, “दौरे का उद्देश्य बाहर और धूप में कामगारों को काम पर रखने पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करना है।” उन्होंने कहा, “पहले दिन निरीक्षण से नियोक्ताओं को संदेश जाता है कि संबंधित एजेंसियां ​​​​कानून के उल्लंघन और कामगारों को जोखिम में डालने की अनुमति नहीं देंगी।”

नियोक्ता के उल्लंघन के खिलाफ उपायों के बारे में बताते हुए, अधिकारी ने कहा कि उल्लंघनकर्ता द्वारा उल्लंघन को रोकने और एक दिन की छूट अवधि का पालन करने के लिए शुरू में एक अधिसूचना जारी की गई है। इसके बाद फिर हम उसी साइट के एक और निरीक्षण दौरे पर जाते हैं। यदि उल्लंघन दोहराया जाता है, तो नियोक्ता का रिकॉर्ड बंद कर दिया जाता है और प्रति कर्मचारी केडी 100 का जुर्माना लगाया जाता है।

KUWAIT

गौरतलब है कि मिड डे ब्रेक आमतौर पर अरब खाड़ी देशों में ग्रीष्मकालीन के समय दिया जाता है। जहां पर गर्मियों के समय पारा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। दोपहर के समय चिलचिलाती धूप में काम करने पर प्रतिबंध ताकि कामगारों के हित में लिया जाता है।

आपको बता दें, खाड़ी देशों में  कामगार 1 जून से 31 अगस्त तक दोपहर 11 बजे से लेकर दोपहर 4 बजे तक काम करने की मनाही है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र के कामगार के स्वास्थ्य की रक्षा करने और उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाए गया हैं।