भारत और UAE के बीच मुक्त व्यापार समझौता हुआ प्रभावी, कारोबार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना लक्ष्य

भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) हुआ था। वहीं इस बीच इस समझौते को लेकर एक बड़ी खबर समाने आई है। दरअसल, खबर है कि ये मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) रविवार, 1 मई से प्रभाव में आ गया है। जिसके बाद अब भारत और यूएई के बीच कस्टम ड्यूटी जीरो हो गई है

जानकारी के अनुसार, इस समझौते को लेकर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक मई से समझौते के अमल में आने की अधिसूचनाएं जारी की है।

वहीं इस समझौते में कपड़ा, कृषि, सूखे मेवे, रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्रों के उत्पादों के घरेलू निर्यातकों को यूएई के बाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी। वहीं इस समझौते की शुरुआत करते हुए वाणिज्य सचिव बी वी आर सुब्रमण्यम ने रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के तीन निर्यातकों को सर्टिफिकेट्स सौंपे हैं। वहीं अब व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के तहत दुबई भेजी जाने वाली इन खेप पर सीमा शुल्क (Custom Duty) नहीं लगेगा।

इसी के साथ सुब्रमण्यम ने कहा, ‘भारत और यूएई के बीच सीईपीए 1 मई से प्रभाव में आ गया। आज हम भारत से पहली खेप यूएई भेज रहे हैं, जिसमें इस समझौते का लाभ मिलेगा।’ बता दें कि इस समझौते के तहत पहली खेप भारत से रवाना हो गई है। इस खेप पर कोई सीमा शुल्क नहीं लगेगा। यह खेप के रविवार को ही दुबई पहुंचने की उम्मीद है।

वहीं सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत के लिए यूएई बड़ा कारोबारी साझेदार है और यह देश पश्चिम एशिया, नॉर्थ अमेरिका, मध्य एशिया और उप-सहारा अफ्रीका के लिए प्रवेश मार्ग भी है। सीईपीए का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में भारत और यूएई के बीच मौजूदा 60 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

इसी के साथ वाणिज्य सचिव ने आगे कहा, ‘100 अरब डॉलर तो महज शुरुआत है, आगे जाकर यह 200 अरब डॉलर होगा और फिर आने वाले वर्षो में 500 अरब डॉलर तक जाएगा।’ उन्होंने कहा कि भारत से यूएई को होने वाले 99 फीसदी निर्यात पर सीमा-शुल्क शून्य होगा।

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