कुवैत ने विदेशियों की नौकरियों पर उठाया बड़ा कदम, प्रवासी कामगारों को मिलेगी बड़ी राहत

कुवैत से एक बड़ी खबर सामने आई है और ये खबर निजी क्षेत्र में नौकरियों का ‘कुवैतीकरण’ करने को लेकर है। दरअसल, खबर है कि कुवैत के श्रम अधिकारियों ने विदेशी कामगारों की जगह देश में अपने नागरिकों को निजी क्षेत्र में  अधिक मौका देने के फैसले के कदम में देरी की है और इस बात की जानकारी एक स्थानीय समाचार पत्र ने दी हाई। माना जा रहा है कि इस फैसले से उन प्रवासी कामगारों के लिए राहत की खबर है, जो इस वक्त कुवैत में नौकरी कर रहे हैं।

स्थानीय समाचार अल राय के करीबी सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सार्वजनिक प्राधिकरण (पीएएम) के बोर्ड की बैठक के बाद फैसला किया है कि श्रम बाजार में कुवैतीकरण की स्थिती को देखने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। दरअसल निजी क्षेत्र द्वारा नियोजित कुवैतियों की संख्या बढ़ाने के लिए कोई विशिष्ट प्रतिशत नहीं था। लेकिन वृद्धि एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भिन्न होती है।

इसी के साथ सूत्रों ने कहा, “पीएएम उन्नत मानव विकास के हिस्से के रूप में निजी क्षेत्र के विभिन्न संस्थानों में युवा कुवैतियों की उपस्थिति को मजबूत करना चाहता है।” वहीं उन्होंने कहा कि प्रमुख आर्थिक क्षेत्र, मुख्य रूप से बैंक, कुवैत के लक्ष्यों को पूरा कर चुके हैं।

आपको बता दें, कुवैत की 4.6 मिलियन की कुल आबादी में विदेशी कामगार लगभग 3.4 मिलियन हैं। वहीं हाल के महीनों में, कुवैत में विदेशी प्रवासी कामगारों के रोजगार पर अंकुश लगाने में वृद्धि हुई है, हालांकि COVID-19 महामारी से आर्थिक गिरावट के बीच देश की बुनियादी सुविधाओं की सुविधाओं को प्रभावित किया है।

गौरतलब है कि साल 2020 में कुवैत में एक कानून भी बनाया गया था जिसमें बताया गया था कि देश में प्रवासी कागमारों का तदाद को कम करके कुल आबादी का 30 फीसद तक ले जाया जाएगा। मालूम हो कि कुवैत की कुल आबादी 46 लाख है जिसमें लगभग 35 लाख विदेशी हैं। कुवैत में मौजूदा समय में सबसे अधिक भारतीय रहते हैं। साल 2020 के आंकड़े के मुताबिक, कुवैत में 10 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं जो निजी क्षेत्रों के अलावा सरकारी नौकरियों में लगे हैं।

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