अचानक पायलट हुआ बीमार तो यात्री ने संभाली विमान की कमान, बिना प्रशिक्षण के ऐसे कराई सफल लैंडिंग

कहते हैं कि जरूरत पड़ने पर इंसान हर वह काम करने में कामयाब हो जाता है जिसे करने की चाहे उसके मन में होती है। भले ही उसके पास उस क्षेत्र का कोई अनुभव ना हो मगर विपरीत समय में सब कुछ संभालने का हौसला व्यक्ति को मिल ही जाता है। कुछ ऐसा ही एक वाक्या इन दिनों देखने को मिला है। दरअसल, एक शख्स ने बिना किसी प्रशिक्षण के फ्लाइट उड़ा कर सबको हैरान किया है।

आपको बताते चलें कि बगैर किसी अनुभव के एक यात्री ने प्लेन उड़ा कर सबको हैरत में डाल दिया है। जिस दौरान जान पर बन आती है उस समय पैसेंजर्स को भगवान के याद करने के अलावा कोई भी दूसरा याद नहीं आता है। गौर करने वाली बात यह है कि जिस दौरान लोगों की सांसे हलक में अटकी हुई थी सभी हैरान थे।

लेकिन उसी दौरान एक ऐसे शख्स में प्लेन उड़ाने का जिम्मा अपने हाथ में लिया, जिसने इससे पहले कभी भी प्लेन नहीं उड़ाया था। यह घटना पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट की है। यहां पर प्लेन के पायलट के अचानक बीमार होने से एक पैसेंजर्स को प्लेन उड़ाने की जिम्मेदारी दी। इस बारे में जब कंट्रोल बोर्ड को जानकारी मिली तब पायलट से उन्होंने संपर्क करने की कोशिश की मगर वो नदारद था।

बिना किसी एक्सपीरियंस और प्रशिक्षण के उड़ाया प्लेन

हवाई यातायात नियंत्रण में पायलट पर संपर्क साधने की पूरी कोशिश की मगर कुछ ऐसी सूचना मिली जो बेहद चौंकाने वाली थी। जिस प्लेन में बैठे पायलट से संपर्क साधने की कोशिश हो रही थी उसका नेतृत्व पायलट नहीं बल्कि प्लेन में बैठा एक यात्री कर रहा था।

प्लेन के पीठ में से एक ऐसी आवाज में प्रति उत्तर दिया जिसे प्लेन में यात्रा करने के अतिरिक्त कोई दूसरी जानकारी नहीं थी और ना ही उसके पास कोई ऐसा अनुभव था। इस बात की जानकारी होने पर कंट्रोल रूम के अधिकारी हैरान रह गए।

गौर करने वाली बात ही नहीं की किसी भी विमान को उड़ाने के लिए तकरीबन 60 घंटे की ट्रेनिंग का एक्सपीरियंस और अकेले में कम से कम 10 घंटे के सुपरविजन में उड़ान भरने की आवश्यकता होती है। लेकिन यहां पर एक ऐसे व्यक्ति ने विमान को उड़ाया जिसके पास फ्लाइट उड़ाने का अनुभव बिलकुल जीरो था। बावजूद इसके वह सफल तरीके से विमान की लैंडिंग कराने में सफल हुआ।

इस तरह से प्लेन को लैंडिंग करने में पाई सफलता

14 सीट वाले विमान में से उड़ान भर रहे एक यात्री की आवाज आई। लैंडिंग से 70 मील की दूरी से रेडियो पर वह इसे बोलते सुना गया,‘ यहां एक गंभीर स्थिति हो गई है, हमारा पायलट बीमार हो गया है। मुझे हवाईजहाज उड़ाने नहीं आता।” इतना सुनते ही सबके होश उड़ गए। ऐसे में अब कोई दूसरा रास्ता भी नहीं था। फिर दोनों तरफ से बातचीत शुरू हुई।

कंट्रोल रूम से उस यात्री को स्तर बरकरार रखने और तक को फॉलो करने की कोशिश के निर्देश देने शुरू किए गए। उस यात्री से बताया गया कि उत्तर या दक्षिण की तरफ स्थिति को बनाए रखें। और विमान की स्थिति का पता लगाने की कोशिश जारी रही। पाम बीच बोका रैटन के उत्तर में तकरीबन 25 मीटर की दूरी पर प्लेन को लैंड करने का निर्देश जारी किया गया।

फिर उसे इस बारे में विस्तार से बताया गया कि किस तरह से फ्लाइट को नीचे उतारना है। विमानन मामलों के जानकार जान नेंस ने न्यूयॉर्क पोस्ट के हवाले से कहा,“ये पहली बार है जब मैंने किसी विमान को ऐसे व्यक्ति द्वारा उतारते देखा है जिसे कोई वैमानिकी अनुभव नहीं है।”

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